कोई नहीं जनता था की बोफोर्चे ने यूध में जिस तरह की हलचल उत्पन्न कर दुश्माब के पसीने छदा दिए वही बोफोर्चे अब भारत के अंदर हलचल मचा रही है
बोफोर्चे घोटाले ने राजनीतिक परा चदा दिया |प्रमुख विपक्षी दल को भ्रष्टाचार पर चल रहे महाभारत में एक और बाद कालने का मूका हत्थ लग गया है आयकर अपीलीय त्रिबुनल अपने मेह्त्वेपूर्ण आप्देश में कहा है की इस मामले में स्वर्गीय वीं चादद्धा और इटली के व्यापारी ऊत्तानियो क्वात्र्रोकी को 41 करोड़ रूपये की दलाली दी गयी थी|लिहावा इस आये पर भारत में कर चुकाना उनका या वारिस का दयित्वे बनता है आइये हम बताते है क्या है कहानी बोफोर्चे घोटाले की खानी
क्या थी बोफोचे डील
24 मार्च 1986 :भारत सरकार और स्वीडन के हथिया बनाने वाली कम्पनी A B बोफोर्चे के बाच 155MM जू 400 होवित्जर फिएल्ड गन के आपूर्ति के ;इए १५ अरब अमेरिका डोलर का कांट्रेक्ट|
बोफोर्चे टॉप दलाई मामले में कब हुआ खुलासा?
सब १९८७ में यह बात सम्बे आई थी की स्वीडन के हटिया कम्पनी कोफोर्स ने हर्तिये सेना को टोपे स्प्ल्यये करने का सूद हथियाने के लिए ८० लाक डोलर के दलाली चुकी थी उस समय केंदर में कांग्रेस के सरकार थी, जिसके प्रधान मंत्री राजीव गांधी थे |स्वीडन के रेडियो ने सबसे पहले 1987 में खुलासा किया गया था इसे ही बोफोर्चे घोटाला या बोफोर्चे कांड के नाम से जाना जाता है
किन पर लगा आरोप ?
C.B.I. ने वीं चड्डा , ज्वात्र्रोकी पूर्वे रक्षा सचिव S K भटनागर और वोफोर्वे के पूर्व प्रमुख मार्टिन अर्ब्दो के खिलाफ च्गेशीत दाखिल की|
सर्जर की साख और C. B. I. पर उठे सवाल
२० अप्रेल १९८७टाट्ख़्ऴ्ण प्रधान मत्री राजीव गाढ़ी ने लोकसभा को आश्वस्त किया की बोफोर्चे मामले में कोई बिचोलिय नहीं या और किसी को भी दलाली नहीं दी गए है
घोटाले का असर यह हुआ की 1989 में कांग्रेस की सरकार को हार का मुह देखना पड़ा काफ्फी सालो तक राजीक गाँधी का नाम भी अभियोक्तो की सूचि में शामिल रहा उनकी उनकी मौत के बाद उनका नाम फाइल से हटा लिया गया C.B.I. को इस मामले की जाच सूपी गयी लीकें सरकार बदले के साथ जाँच की दिशा भी बदलती रही एक दौर था जब जोगिन्दर सिंह C.B.I. चीफ थे तो अगेंच्य स्वीडेन से मह्त्पुद दस्तावेज लाने में सगल हो गए थी जोगिनेर सिंह ने तब कहा था के केस सुलह लिया गया बस, देरी है तो क्वात्रोकी की प्रत्यपर्ण कर भारत लाकर अदालत पेश करने के| उनके हटने के बाद C.B.I. की तो चाल बदल ही गयी |इस बाच कई ऐसे दावे पेकग खेल्ले गए के क्वात्रोकी को रहत मिलती गयी दिल्ली की अदालत ने हिंदुजा बंधुओ किओ रिहा कर दिया तो C.B.I.ने लन्दन की अदालत से कह दिया के क्वात्रोकी के खिलाफ कौई सबूत ही नहीं है अद्दलत ने क्वात्रोकी के सील खातो को खोलने का अद्देश जरी कर दिया नतीजन क्वात्रोकी ने रातो रत उन खातो से पैसा निकल लिया
एक तरफ C.B.I. ने क्वात्रोकी को बोफोर्चे के मामले में दलाली खाने में चलेँ चिट दे दी वो दुसरे तरफ आयकर त्रिबुतिओं कुछ और ही खानी बाण कर रहा है|
No comments:
Post a Comment