गुजरे साल २८ जून को नेपाल मलंगवा में बैटक अगस्त -सितम्बर में नेपाल में ही बुटवल के निकट प्र्शिकं कंप और हॉल ही में भृत्ये राजदूत राकेश सूद द्वारा नेपाल सरकार को लिखा पात्र साबित करता है की अत्याधुनिक हथियारों से लैस दक्षता से बम बिस्फोट कर रहे माओवादी की हरकतों के पीछे लस्कर-इ- तयबा का दिमाग है यह आतंकवादी संगटन नेपाल और भारत दोनों के माओवादी से गठजोड़ कर चूका सर्कार के लिए चुनोती बन चुके माओवादी आने वाले समय में ज्यादा खात्रम्क साबित हों सकते है
नेपाल स्थित भारतीय दूतावास के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक बुटवल के नज्देक झारखण्ड , उड़ीसा , छतीसगढ़ व् बिहार के लगभग दो सौ नक्सलवादी को लश्कर के लतीफ खान ने विष्फोट हेडल करने का प्र्शिकन दिया. यह कार्य नेपाली माओवादी के सहयोग से हुआ है.
सूत्रों के मुताबिक जून में नेपाल के सर्लाही जिला ,उख्याली मलंगवा में भर्ती और नेपाली माओवादी के बीच वैचारिक हथियारों के प्रशिक्ष्ण के लिए बाकायदा समझोता हुआ था मोके पर PLA (पीपली लीब्रेसन आर्मी )के लोग भी थे
सूत्रों के मुताबिक हाल ही में भारतीय राजदूत ने नेपाल को पात्र लिख कर इन गतिविधियों की जानकारी दी और और इन पर नियन्त्रण लगाने का अनुरोध किया इसके बाद नेपाली माओवादी ने इसे आधारहीन और भारतीय प्रोपगंडा जरार देना शुरू कर दिय है नई दिल्ली में फिछले दिनों गिरफ्तार लश्कर आतंकी उमर मदनी के यह बताने के बाद की उसके आको ने माओवादियों से संपर्क करने को कहा था, माओवादी में बैचेनी है.
अब सरकार को जल्द से जल्द माओवादी को रोकने के लिए कुछ फुकट इंतजाम करने होंगे वरना माओवादी एक बड़ी समस्या बन कर भारत के सामने खड़ा होगा.