आम
बजट में राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना का दायरा बढाया गया हैं। इससे, पूरे देश
के लोवर मिडल क्लास को लुभाने कि कोशिश की गई हैं। जिसमें जिसमें रिक्सा, ऑटो
रिक्सा ड्राइवर टैक्सी ड्राइवर, सफाई कर्मचारी और कूड़ा उठाने वाले गरीब लोगो को
भी इस योजना में शामिल किया हैं।
दिल्ली शहर में ऐसे बहुत से लोग, देश के
अलग-अलग कोने से आए हैं। उन्हे अपनी जीविका चलाने के लिए जो कार्य मिला उन्होने
वही किया। दिल्ली में रिक्सा, ऑटो रिक्सा ड्राइवर टैक्सी ड्राइवर, सफाई कर्मचारी
और कूड़ा उठाने वालों भी रहते हैं। तो हर कोई उन्हे लुभाने की कोशिश कर रहा हैं। क्योकि
दिल्ली में इसी साल विधानसभा के चुनाव हैं। और गौरतलब यह हैं पिछले कुछ महिने पहले
और एक साल पहले दिल्ली के ऑटो रिक्शा वाले हड़ताल पर चले गए थे। जिस कारण कहीं न
कहीं इनमें, कांग्रेस के खिलाफ गुस्सा दिखाई पड़ता था। तो उन्हे लुभाने के लिए
केन्द्र सरकार ने यह कदम उठाया हैं। क्योकी दिल्ली में आने की ख्वाहिश सभी
पार्टियो कि रहती हैं। तो क्या यह बजट उन लोगो को लुभाने की कोशिश की जा रही हैं? ताकि कांग्रेस आने वाले विधान सभा
के चुनाव में जीत हासिल कर सके। इस तहर के कयास पहले ही लगाए जा रहे थे। कि क्या
आम बजट अर्थव्यवस्था को साधने के लिए तैयार किया जाएगा या फिर अगले साल होने वाले
आम चुनाव को ध्यान में रखकर बनाया जाऐगा। तो इस बजट को देखकर तो यही लगता हैं यह
एक लोक लुभावन होने के साथ साथ अर्थव्यवस्था को सभालने की कोशिश भी की गई हैं ।