जब भी कोई आन्दोलन होता है तो समस्या का सामना करना पड़ता है तो, मासूम जनता को.!
नक्सलवाद हमला हो तो परेशां होती है आम जनता.....!
जैसा की अभी गुर्जर आन्दोलन जोरो शोरो से चल रहा है गुर्जरो की मांग है की उन्हें सारकारी में ५% का आरक्षण दिया जायें. इसी सिलसिले में गुर्जरों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से आशवासन माँगा है की राज्ये की नोक्रियो में उनको दिए जाने वाले आरक्षण से सम्बन्धित दस्तावेजो को जल्द से जल्द राजेस्थान हाई कोर्ट में पेश कर दिए जायें
शहेरी विकास मन्त्री ने बताया की सचिव जी S संधू ने बतया की बैटक shanti पूर्ण ढंग से हुई है गुर्जर के कई मुद्दों पर संतुस्थ है लेकिन ५०% आरक्षण के मुद्दे पर जारी बहस ख़त्म होने नाम नहीं ले रही है उन्होंने आन्दोलन करियो के साथ आगे की बातचीत के भी शुरू होने के आसार है पिलुकपुँरा क नज़दीक एक गौण में बैठक के बाद कहा की प्रदर्शन के खिलाफ दर्ज मामलो को वापस लेतें सायें कई मुद्दों पर चुर्चा हुई है.
परन्तु अब भी गुर्जर आन्दोलन करियो ने दिल्ली से मुबई जाने वाला रेलमार्ग बंद कर दिया जिस कारन लोगो को न जाने किन किन समस्यों का सामना करना पड़ा .
क्या ज़रोरी है की हर एक आन्दोलन को सफल बनाने के लिए सार्वजानिक मार्गो को badhith kiya jaye ...
kya andolan का matlab yeh तो nahi की hum भी परेशां हो or oro को भी परेशां karien...
No comments:
Post a Comment