दिल्ली शहर अपने आप में ही एक एक मिशाल है ये शहर एल ऐसा शहर है जिसे हम देश की धड़कन भी कहतें है यह शहर विकास में एक सबसे आगे है खूबसूरती में सबसे आगे है और ट्रांसपोर्ट में भी और न जाने क्या-क्या!पर लगता है अब दिल्ली क्राईम में भी फिचे नहीं रहना चाहती है अब दिल्ल्ली ने ठान लिया है की क्राईम में भी सबसे उपर आना है
बीते कुछ दिनों से लगातार दिल्ली में एक के बाद हादसा हो रहा है की अगर सुबह अखबार पड़ते है तो दिल्ली के अंदर क्राईम के अलावा कुछ पड़ने को मिल्ताही नहीं जैसे की बीते कुछ दिनों के बात करतें है
NBT :२ जन. २०११ पेज न. ४
बच्चे का कंकाल बरामद ३ गिरफ्तार ,राजधानी की शुरात में दो हत्येयें , पेज न.७ पर नए साल के सुरूर में कांस्टेबल को कुचला ,कार लुटने का विरोध करने पर गोली मरी,
NBT :३ जन. पेज न.८
बेटे ने पिता को मारी गोली,
हत्या से पहले बलात्कार
NBT :४ जन.
स्नेचेर निकले सोनी पट के दो रईस
कोमेसित शॉप पर की युवेक ने फायरिंग
और न जाने कितनी वारदात होती देश के दिल में जैसा की हम जानतें है की कुछ वारदातों को तो दर्ज ही नहीं किया जाता है क्या ये कहना सही नहीं होगा की अब दिल्ली में अफ्राधि बेखोफ होकर घूम रहे रहे है क्योकि जैसे जैसे दिल्ली में आपराध बाद रहा है की अब दिल्ली में सुरक्षा नाम की कोई चीज ही नहीं दिखती अगर जल्द ही दिल्ली पुलिस ने इस पर काबू न किया तो दिल्ली में भी गुंडाराज होगा.
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