Thursday, January 13, 2011

विदेशी बैंक में जमा कला धन किसका? बीजेपी ने कहा हमारे पास है सबूत

मुंबई. विदेशी बैंकों पर जमा काले धन के मसले पर कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग करते हुए भाजपा के वरिष् नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने कहा है कि काला धन के तौर पर स्विस बैंक में जमा 20 लाख करोड़ रुपये भारत लाने के लिए कानून बनाना चाहिए। महंगाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ यहां एक रैली को संबोधित करते हुए आडवाणी ने कहा कि ग्लोबल फाइनेंसियल ट्रांसपैरेंसी की रिपोर्ट चौंकाने वाली है जिसमें कहा गया है कि भारत के 20.85 लाख करोड़ रुपये स्विस बैंक में जमा हैं। उन्होंने कहा, ' हमने इस इस बारे में प्रधानमंत्री को चिट्ठी भी लिखी थी लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है।'

आडवाणी ने कहा, ‘हमें ऐसा कानून भी बनाना चाहिए जिससे यह रकम स्वदेश लाई जा सके। हम आखिर इस मसले पर इसलिए चुप हैं कि कांग्रेस से जुड़े कुछ लोगों का इससे संबंध है। प्रधानमंत्री ने लोकसभा चुनाव के पहले जनता को भरोसा दिलाया था कि वह इस मसले पर गौर करेंगे लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। प्रधानमंत्री को इसका जवाब देना चाहिए।  
रैली में भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने दावा किया कि उन्हें स्विस बैंक के कुछ खातों की जानकारी है जिनका संबंध बोफोर्स केस से है। उन्होंने कहा, ' मुझे स्विस बैंक के ऐसे तीन अकाउंट नंबर की जानकारी है जिनका संबंध बोफोर्स मामले से है। क्वात्रोच्चि द्वारा विन चड्ढा के अकाउंट में डाले गए धन की जानकारी सभी को है और उसके गांधी परिवार से नजदीकी संबंध थे। कांग्रेस को इसका जवाब देना चाहिए।
आडवाणी ने अपने ब्लॉग के जरिये सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि शीर्ष अदालत विदेशी बैंकों में जमा भारतीय धन को वापस लाने के प्रयास कर लोगों का दिल जीत सकती है। आडवाणी ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ही विदेशी बैंकों में जमा लाखों करोड़ रुपए को वापस लाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट से गुहार आडवाणी ने कहा कि देश को सुप्रीम कोर्ट से बहुत उम्मीदें हैं। देश को उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले को तार्किक अंत तक पहुंचाएगा। आडवाणी ने कहा कि 462 मिलियन अमेरिकी डॉलर एक बहुत बड़ी रकम होती है जो यदि विकास कार्यों में लगा दी जाए तो भारत की तस्वीर बदल जाएगी। आडवाणी ने यह बात हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा सरकार को विदेशी बैंकों में धन रखने वाले लोगों का नाम सार्वजनिक करने की चेतावनी का हवाला देते हुए कही।
अपने ब्लॉग पर विदेशी बैंकों में जमा कालेधन के बारे में लिखते हुए आडवाणी ने कहा कि इस मामले को निपाटकर सुप्रीम कोर्ट भारत के लोगों का दिल जीत सकता है। यदि सुप्रीम कोर्ट यह मामला तार्किक अंत तक पहुंचा देता है तो उसे भारत के लोग स्थायी धन्यवाद देंगे और हमेशा उसके कृतज्ञ रहेंगे।
आडवाणी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की आलोचना करते हुए लिखा कि मनमोहन सरकार अपने साढ़े छह साल के कार्यकाल में सबसे बुरे समय से गुजर रही है। आडवाणी ने लिखा कि कॉमनवेल्थ घोटाले, 2जी स्पैक्ट्रम घोटाले, मुंबई आदर्श सोसायटी घोटाले और कई अन्य घोटालों के खुलने के बाद अब देश की जनता सोचने लगी है कि सरकार में कई लोग है जो सिर्फ बेतहाशा दौलत कमा रहे हैं बल्कि देश को भी लूट रहे हैं।

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